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असतो मा सद्गमय · तमसो मा ज्योतिर्गमय · मृत्योर्मा अमृतं गमय

पर्व-त्योहार

हिंदू संस्कृति के प्रमुख त्योहारों की पौराणिक कथा, पूजा-विधि, व्रत-नियम और शुभकामनाएं। हर त्योहार पर क्लिक करें और जानें पूरी जानकारी।

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पर्व

दीपावली

कार्तिक अमावस्या

दीपों का महापर्व — माँ लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा

पर्व

होली

फाल्गुन पूर्णिमा

रंगों का त्योहार — असत्य पर सत्य की विजय

कृष्ण जन्माष्टमी
पर्व

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी

भगवान कृष्ण के जन्म का पावन उत्सव

पर्व

नवरात्रि

चैत्र / आश्विन शुक्ल १-९

माँ दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिवसीय उपासना

पर्व

महाशिवरात्रि

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

शिव-पार्वती विवाह व चार प्रहर पूजा का पवित्र पर्व

पर्व

गणेश चतुर्थी

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी

श्री गणेश का जन्मोत्सव — १० दिनों का उल्लास

पर्व

करवा चौथ

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी

सुहागिनों का निर्जल व्रत — पति की दीर्घायु हेतु

पर्व

रक्षा बंधन

श्रावण पूर्णिमा

भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार

पर्व

दशहरा (विजयदशमी)

आश्विन शुक्ल दशमी

श्री राम की रावण पर विजय — असत्य पर सत्य की जीत

पर्व

मकर संक्रांति

पौष माह — १४ जनवरी

सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व — उत्तरायण

पर्व

छठ पूजा

कार्तिक शुक्ल षष्ठी

सूर्य देव और छठी मैया की चार दिवसीय उपासना

पर्व

वसंत पंचमी

माघ शुक्ल पंचमी

माँ सरस्वती की पूजा — विद्या, संगीत और कला का पर्व

हिंदू त्योहारों का महत्व

हिंदू त्योहार केवल उत्सव-मात्र नहीं, बल्कि वर्ष-भर के ऋतु-चक्र, खगोल-घटनाओं और पौराणिक स्मरणों का सुंदर समन्वय हैं। प्रत्येक त्योहार किसी न किसी देवता, संत या ऐतिहासिक प्रसंग से जुड़ा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को धर्म, संस्कृति और मूल्यों की शिक्षा मिलती रहती है।

दीपावली प्रकाश का उत्सव है, होली रंग और प्रेम का, जन्माष्टमी कृष्ण-लीला का स्मरण कराती है, और नवरात्रि शक्ति-उपासना का काल है। ये पर्व समाज को जोड़ते हैं, परिवारों को एकत्र करते हैं और मनुष्य को प्रकृति तथा परमात्मा के निकट ले जाते हैं।

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