मंत्र
गायत्री महामंत्र
सर्वश्रेष्ठ वैदिक मंत्र — सूर्य देव और देवी सावित्री को समर्पित
गायत्री महामंत्र
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पूर्ण पाठ
ॐ भूर्भुवः स्वः ।
तत्सवितुर्वरेण्यं ।
भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
तत्सवितुर्वरेण्यं ।
भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
अर्थ एवं भावार्थ
हे प्रभो! आप तीनों लोकों (पृथ्वी, अंतरिक्ष, स्वर्ग) के पालनकर्ता हैं। आपका तेज सबसे श्रेष्ठ है। हम आपके दिव्य तेज का ध्यान करते हैं। आप हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें। यह मंत्र वेदों का सार माना जाता है और प्रतिदिन प्रातः-संध्या गायन से बुद्धि, ज्ञान, स्वास्थ्य और तेजस्विता प्राप्त होती है।